The House That Called My Name – वह घर जो मेरा नाम पुकारता था

0
219

आदित्य अपने ऑफिस से रोज़ देर रात लौटता था।

उसके घर के रास्ते में एक पुराना मकान पड़ता था।

मकान कई सालों से खाली था।

उसकी खिड़कियाँ टूटी हुई थीं।

दरवाज़े पर जंग लगा ताला था।

लेकिन हर रात जब आदित्य वहाँ से गुजरता, अंदर से कोई उसका नाम पुकारता—

"आदित्य..."

पहले उसने इसे हवा की आवाज़ समझा।

फिर एक रात आवाज़ ने उसका पूरा नाम लिया।

"आदित्य मेहरा, घर आ जाओ।"

 


 

घर के अंदर की रोशनी

अगली रात आदित्य उस मकान के सामने रुक गया।

अंदर से पीली रोशनी आ रही थी।

उसने खिड़की से झाँका।

एक बूढ़ी औरत कुर्सी पर बैठी थी।

उसके सामने चाय के दो कप रखे थे।

औरत ने बिना उसकी तरफ देखे कहा—

"इतनी देर क्यों कर दी?"

आदित्य पीछे हट गया।

उसे लगा कि शायद घर खाली नहीं था।

लेकिन अगले दिन उसने पड़ोसी से पूछा तो पता चला कि वहाँ कोई नहीं रहता।

 


 

पड़ोसी की चेतावनी

पड़ोसी ने बताया कि उस घर में कभी मेहरा परिवार रहता था।

कई साल पहले पूरा परिवार अचानक गायब हो गया था।

घर के मालिक का नाम भी आदित्य मेहरा था।

आदित्य ने हैरानी से कहा—

"लेकिन मेरा नाम भी आदित्य मेहरा है।"

पड़ोसी ने उसे ध्यान से देखा।

फिर पूछा—

"तुम्हारे पिता का नाम क्या है?"

आदित्य ने जवाब दिया।

पड़ोसी का चेहरा बदल गया।

वह धीरे से बोला—

"तुम्हें अपने परिवार का इतिहास नहीं पता?"

 


 

पुरानी तस्वीर

उस रात आदित्य ने अपने पिता की अलमारी खोली।

अंदर एक पुरानी तस्वीर मिली।

तस्वीर में एक परिवार उस पुराने मकान के सामने खड़ा था।

तस्वीर के पीछे नाम लिखे थे।

पिता।

माँ।

और एक छोटा बच्चा—

आदित्य।

तस्वीर देखकर आदित्य के हाथ काँपने लगे।

उसके पिता ने हमेशा कहा था कि वह बचपन में दूसरे शहर में पैदा हुआ था।

लेकिन तस्वीर में वह उसी घर के सामने खड़ा था।

 


 

दरवाज़े के पीछे

आदित्य रात को फिर उस मकान में गया।

इस बार दरवाज़े पर ताला नहीं था।

अंदर वही बूढ़ी औरत बैठी थी।

उसने कहा—

"आखिर तुम आ ही गए।"

आदित्य ने पूछा—

"आप कौन हैं?"

औरत ने मुस्कुराकर कहा—

"तुम्हारी दादी।"

आदित्य को याद आया कि उसके पिता ने कभी अपनी माँ के बारे में बात नहीं की थी।

औरत ने सामने रखी कुर्सी की तरफ इशारा किया।

"बैठो बेटा। तुम्हारा कमरा तैयार है।"

 


 

जिस कमरे में कोई नहीं रहता था

आदित्य ऊपर गया।

कमरे में बच्चों के खिलौने रखे थे।

दीवार पर उसका नाम लिखा था।

मेज़ पर एक डायरी खुली पड़ी थी।

उसमें लिखा था—

"आदित्य आज घर छोड़कर गया है। वह वापस आएगा।"

नीचे एक तारीख थी।

वह तारीख बीस साल पुरानी थी।

आदित्य ने पीछे मुड़कर देखा।

दरवाज़े पर उसकी दादी खड़ी थीं।

उन्होंने कहा—

"तुम उस दिन गए थे, बेटा। अब घर लौट आए हो।"

आदित्य ने घबराकर जवाब दिया—

"मैं तो कभी यहाँ नहीं रहा!"

दादी की मुस्कान गायब हो गई।

"तो फिर तुम्हें अपना नाम किसने दिया?"

 


 

अगली सुबह उस पुराने मकान का दरवाज़ा फिर बंद था।

आदित्य अपने घर लौट आया।

लेकिन उसके घर की दीवार पर लगी तस्वीर बदल चुकी थी।

अब उसमें आदित्य अपने माता-पिता के साथ नहीं था।

वह उस पुराने मकान के बाहर खड़ा था।

उसके पीछे वही बूढ़ी औरत मुस्कुरा रही थी।

तस्वीर के नीचे लिखा था—

"घर लौटने के लिए धन्यवाद।"

अगर आप real horror story in hindi जैसी रहस्यमयी कहानियाँ पढ़ते हैं, तो आदित्य की कहानी आपको यह सोचने पर मजबूर कर सकती है कि इंसान अपने अतीत से कितना दूर जा सकता है।

क्योंकि कभी-कभी horror story in hindi का सबसे बड़ा रहस्य कोई भूत नहीं होता...

वह घर होता है, जो आपको आपसे बेहतर जानता है।

ऐसी ही रहस्यमयी unexpected stories पढ़ने के लिए विज़िट करें—

पूरी कहानी पढ़ने के लिए यहाँ जाएँ:
Unexpected Stories.in

Site içinde arama yapın
Kategoriler
Devamını oku
diğer
Best Affordable Hotels in Dehradun – Why Hotel Sukhsadan Tops the List
Finding a comfortable, well-maintained, and budget-friendly hotel in a popular hill city like...
Yazan hotelsukhsadan 2025-11-25 10:10:32 0 2K
Oyunlar
如何在 game one 中取勝:技巧與策略全方位解析
在當今豐富多樣的線上娛樂世界中,尋找一個既刺激又充滿挑戰的平台是許多玩家的共同追求。對於喜愛博弈與休閒娛樂的群體而言,如何在各類精彩項目中掌握竅門、提升勝率,始終是大家熱烈討論的話題。game...
Yazan seomaster234 2026-09-22 06:58:22 0 292
Sngine France : Partagez Vos Moments, Faites de Nouveaux Amis https://sngine.fr