The House at the End of the Road – सड़क के आखिरी छोर वाला घर
शहर से बाहर एक पुरानी सड़क थी।
सड़क के आखिरी छोर पर एक अकेला घर खड़ा था।
लोग उसे आखिरी घर कहते थे।
अर्जुन को उस घर के बारे में पहली बार अपने दोस्त से पता चला।
दोस्त ने कहा—
"वहाँ कभी मत जाना।"
अर्जुन ने पूछा—
"क्यों?"
दोस्त ने सिर्फ़ इतना कहा—
"क्योंकि जो अंदर जाता है, वह वापस आने से पहले बदल जाता है।"
घर की पहली झलक
एक रात अर्जुन अपनी कार से उसी रास्ते पर जा रहा था।
बारिश तेज़ थी।
अचानक उसकी कार बंद हो गई।
मोबाइल में नेटवर्क नहीं था।
दूर एक घर की रोशनी दिखाई दी।
वही आखिरी घर।
अर्जुन मजबूरी में वहाँ चला गया।
दरवाज़ा खुला था
उसने दरवाज़ा खटखटाया।
दरवाज़ा अपने आप खुल गया।
अंदर कोई नहीं था।
लेकिन घर गर्म था।
जैसे कोई अभी-अभी वहाँ से गया हो।
टेबल पर चाय का कप रखा था।
कप से भाप निकल रही थी।
दीवार पर तस्वीर
अर्जुन ने कमरे में एक पुरानी तस्वीर देखी।
तस्वीर में एक परिवार खड़ा था।
माँ...
पिता...
एक बच्चा...
और पीछे एक कार।
अर्जुन उस कार को पहचानता था।
वह उसकी अपनी कार जैसी थी।
ऊपर से आवाज़
तभी ऊपर से किसी बच्चे के दौड़ने की आवाज़ आई।
अर्जुन सीढ़ियों के पास गया।
ऊपर कोई नहीं था।
फिर बच्चे की आवाज़ आई—
"आप देर से आए।"
अर्जुन ने पूछा—
"कौन हो?"
जवाब मिला—
"जिसे आप छोड़कर गए थे।"
पुरानी याद
अचानक अर्जुन को बचपन की एक घटना याद आई।
बारिश की रात।
एक कार।
एक सड़क।
एक घर।
और एक बच्चा जो सड़क के किनारे खड़ा था।
उसे याद आया कि बचपन में उसकी कार से एक दुर्घटना हुई थी।
लेकिन उसके बाद की यादें धुंधली थीं।
घर का सच
अर्जुन ने दीवार पर लगी तस्वीर दोबारा देखी।
अब तस्वीर बदल चुकी थी।
उसमें वही बच्चा था।
और उसके पास खड़ा आदमी...
अर्जुन था।
तस्वीर के नीचे तारीख थी—
बीस साल पुरानी।
तभी ऊपर से आवाज़ आई—
"अब आपको सब याद आ गया?"
आखिरी दरवाज़ा
अर्जुन पीछे हटने लगा।
मुख्य दरवाज़ा बंद हो चुका था।
उसने उसे खोलने की कोशिश की।
दरवाज़ा नहीं खुला।
फिर कमरे की सारी तस्वीरें एक साथ गिरने लगीं।
हर तस्वीर में अर्जुन था।
अलग-अलग उम्र में।
लेकिन हर तस्वीर के पीछे एक ही तारीख लिखी थी।
आज की।
सुबह सड़क के किनारे अर्जुन की कार मिली।
कार का इंजन बिल्कुल ठीक था।
लेकिन अर्जुन नहीं मिला।
उस घर की जगह खोजने पर वहाँ सिर्फ़ खाली जमीन मिली।
किसी नक्शे में वह घर मौजूद नहीं था।
स्थानीय लोग आज भी इस घटना को real horror story in hindi के रूप में सुनाते हैं।
अगर आप horror story in hindi पढ़ते हैं, तो शायद आपको आखिरी घर की कहानी का सबसे बड़ा सवाल यही लगेगा—
अर्जुन जिस घर में गया था...
वह घर था कहाँ?
और ऐसी unexpected stories शायद इसी वजह से याद रह जाती हैं।
क्योंकि कुछ रास्ते हमें किसी जगह तक नहीं ले जाते...
वे हमें हमारी ही भूली हुई कहानी तक वापस ले जाते हैं।
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