The Last Train to Nowhere – कहीं न पहुँचने वाली आखिरी ट्रेन | Horror Story in Hindi

0
34

रात के 11:50 बज रहे थे। आरव अपने ऑफिस से घर लौटने के लिए रेलवे स्टेशन पहुँचा। स्टेशन लगभग खाली था और चारों तरफ अजीब-सी खामोशी फैली हुई थी। ठंडी हवा के कारण प्लेटफॉर्म पर लगे पुराने पंखे अपने आप हिल रहे थे।

आरव ने टिकट खरीदा और बेंच पर बैठकर ट्रेन का इंतजार करने लगा। तभी स्टेशन के लाउडस्पीकर से घोषणा हुई कि उसकी ट्रेन अगले तीस मिनट में आएगी।

कुछ देर बाद उसकी नजर एक बूढ़े आदमी पर पड़ी। वह प्लेटफॉर्म के आखिरी कोने में बैठा था और लगातार आरव को देख रहा था।

आरव ने अनदेखा किया, लेकिन बूढ़ा अचानक उसके पास आ गया।

“बेटा, क्या तुम आखिरी ट्रेन से घर जाओगे?” उसने पूछा।

आरव ने कहा, “हाँ, क्यों?”

बूढ़े ने गंभीर आवाज में जवाब दिया, “अगर ट्रेन में तुम्हें कोई ऐसा यात्री दिखाई दे, जिसका चेहरा न हो, तो उससे बात मत करना।”

यह सुनकर आरव हँस पड़ा। उसे लगा कि बूढ़ा उसे डराने की कोशिश कर रहा है।

लेकिन कुछ ही मिनटों बाद ऐसा हुआ, जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

आधी रात की ट्रेन

ठीक 12:20 बजे प्लेटफॉर्म पर एक ट्रेन आकर रुकी। उसके डिब्बे पुराने थे और खिड़कियों के शीशे धुंधले दिखाई दे रहे थे। हैरानी की बात यह थी कि ट्रेन के इंजन पर कोई नंबर नहीं लिखा था।

आरव ने अपना टिकट देखा और ट्रेन में चढ़ गया।

डिब्बे के अंदर केवल पाँच यात्री बैठे थे। कोई खिड़की से बाहर देख रहा था, तो कोई सिर झुकाकर बैठा था। आरव ने एक खाली सीट चुनी और अपना बैग पास रख लिया।

ट्रेन चलने लगी।

कुछ मिनट बाद आरव ने महसूस किया कि ट्रेन असामान्य रूप से धीमी गति से चल रही थी। उसने खिड़की से बाहर देखा, लेकिन बाहर केवल घना अंधेरा था।

उसने मोबाइल निकाला। नेटवर्क गायब था और समय 12:44 पर रुका हुआ था।

तभी सामने बैठा एक आदमी उसकी तरफ मुड़ा।

आरव की साँसें रुक गईं।

उस आदमी के चेहरे पर आँखें, नाक और मुँह कुछ भी नहीं था। वहाँ केवल चिकनी, सफेद त्वचा दिखाई दे रही थी।

आरव तुरंत अपनी सीट से उठा, लेकिन बाकी यात्री बिल्कुल शांत बैठे रहे।

बिना चेहरे वाले आदमी ने अपना सिर उसकी तरफ झुकाया और धीमी आवाज में कहा, “तुम्हें यहाँ नहीं आना चाहिए था।”

वह स्टेशन जो नक्शे पर नहीं था

आरव दूसरे डिब्बे की तरफ भागा। उसने ट्रेन का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन वह अंदर से बंद था।

तभी ट्रेन अचानक रुक गई।

बाहर एक छोटा स्टेशन दिखाई दिया, जिसके बोर्ड पर लिखा था—अंतिमपुर।

आरव ने इस नाम का स्टेशन कभी नहीं सुना था। उसने मोबाइल में रेलवे का नक्शा खोलने की कोशिश की, लेकिन स्क्रीन पर केवल एक संदेश दिखाई दिया—कोई स्थान उपलब्ध नहीं है।

ट्रेन का दरवाजा अपने आप खुल गया।

प्लेटफॉर्म पर कई लोग खड़े थे। सभी के कपड़े पुराने थे और उनके चेहरे पर अजीब उदासी थी। उनमें एक छोटी बच्ची भी थी, जो हाथ में लाल गुब्बारा पकड़े हुए थी।

बच्ची ने आरव को देखकर कहा, “आप भी घर जाने के लिए आए हैं?”

आरव ने सिर हिलाया।

बच्ची ने जवाब दिया, “यहाँ आने वाला कोई भी अपने घर वापस नहीं जाता।”

यह सुनकर आरव के पैरों तले जमीन खिसक गई।

वह तुरंत ट्रेन में वापस जाने लगा, लेकिन दरवाजा बंद हो गया। खिड़की के अंदर वही बिना चेहरे वाला आदमी खड़ा था।

उसने हाथ उठाकर आरव को इशारा किया, जैसे वह उसे अपने पास बुला रहा हो।

टिकट पर लिखा रहस्य

आरव ने घबराकर अपनी जेब से टिकट निकाला। अब टिकट पर उसकी यात्रा की जानकारी नहीं थी। उसकी जगह एक तारीख लिखी थी—15 अगस्त 1999।

यह वही तारीख थी, जब उसके पिता की मृत्यु एक रेलवे दुर्घटना में हुई थी।

आरव बचपन से सुनता आया था कि उसके पिता की ट्रेन एक सुनसान स्टेशन के पास दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। लेकिन दुर्घटना का सही कारण कभी सामने नहीं आया।

अचानक प्लेटफॉर्म पर लगी पुरानी घड़ी चलने लगी।

उसकी सुइयाँ उल्टी दिशा में घूम रही थीं।

कुछ ही पलों में आरव के सामने एक दृश्य उभरा। उसने देखा कि एक पुरानी ट्रेन पटरी पर खड़ी थी और उसके अंदर कई यात्री बैठे थे। उन्हीं यात्रियों में उसके पिता भी थे।

उसके पिता खिड़की से बाहर देखकर किसी को आवाज दे रहे थे।

“आरव, वापस जाओ!”

आरव चिल्लाया, “पापा!”

लेकिन आवाज सुनते ही दृश्य गायब हो गया।

पीछे से बूढ़े आदमी की आवाज आई।

“मैंने तुम्हें चेतावनी दी थी।”

आरव ने मुड़कर देखा। वही बूढ़ा प्लेटफॉर्म पर खड़ा था।

“आप यहाँ कैसे पहुँचे?”

बूढ़े ने कहा, “मैं भी कभी इस ट्रेन में चढ़ा था। कई साल पहले। तब से मैं उन लोगों को रोकने की कोशिश करता हूँ, जो गलती से इस रास्ते पर आ जाते हैं।”

“मुझे यहाँ से बाहर निकालिए!”

बूढ़े ने प्लेटफॉर्म के दूसरे छोर की तरफ इशारा किया।

“अगली सीटी बजने से पहले उस दरवाजे तक पहुँच जाओ। लेकिन पीछे मुड़कर मत देखना।”

आखिरी सीटी

आरव पूरी ताकत से दौड़ने लगा। पीछे से ट्रेन की सीटी सुनाई दी।

एक बार।

फिर दूसरी बार।

जैसे-जैसे वह आगे बढ़ता गया, उसे अपने पिता की आवाज सुनाई देने लगी।

“आरव, मेरी मदद करो!”

उसकी आँखों में आँसू आ गए। वह पीछे मुड़ना चाहता था, लेकिन बूढ़े की चेतावनी उसे याद थी।

तीसरी सीटी बजते ही आरव दरवाजे तक पहुँच गया और उसने उसे खोल दिया।

अगले ही पल उसकी आँखों के सामने तेज रोशनी चमकी।

जब उसे होश आया, वह अपने शहर के रेलवे स्टेशन की बेंच पर पड़ा था। सुबह के पाँच बज रहे थे। उसके हाथ में टिकट था, लेकिन उस पर कोई तारीख या स्टेशन का नाम नहीं लिखा था।

आरव ने राहत की साँस ली और घर लौट गया।

कुछ दिनों बाद उसने उस रात की घटना के बारे में जानकारी जुटाई। रेलवे के पुराने रिकॉर्ड में उसे 15 अगस्त 1999 की दुर्घटना का उल्लेख मिला। लेकिन रिकॉर्ड में एक बात ऐसी थी, जिसने उसे फिर से डरा दिया।

दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के यात्रियों की सूची में उसके पिता का नाम था। उसी सूची में एक अज्ञात यात्री का नाम भी दर्ज था।

उसका नाम था—आरव शर्मा।

और उसके सामने मृत्यु की तारीख लिखी थी—आने वाली रात।

उस रात आरव ने अपना घर छोड़ दिया और कभी किसी आखिरी ट्रेन में सफर नहीं किया।

रहस्य का अंत या नई शुरुआत?

कई महीने बाद स्टेशन के एक कर्मचारी ने रात 12:20 बजे एक पुरानी ट्रेन को प्लेटफॉर्म पर आते देखा। ट्रेन के इंजन पर कोई नंबर नहीं था।

अगली सुबह कर्मचारी ने नौकरी छोड़ दी।

उसने जाते समय केवल इतना कहा था, “कुछ ट्रेनें यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुँचाती हैं, लेकिन कुछ ट्रेनें उन्हें उनके अतीत में हमेशा के लिए कैद कर देती हैं।”

अगर आपको real horror story in hindi जैसी रहस्यमयी कहानियाँ पढ़ना पसंद है, तो इस कहानी का अंत आपको सोचने पर मजबूर कर सकता है। ऐसी ही डर और रहस्य से भरी horror story in hindi उन पाठकों को आकर्षित करती है, जिन्हें अनसुलझे रहस्य पसंद हैं।

और अगर आप अलग-अलग विषयों की दिलचस्प कहानियाँ खोज रहे हैं, तो unexpected stories पर ऐसी नई कहानियाँ पढ़ना न भूलें।

आपकी राय: अगर आपको आधी रात को ऐसी ट्रेन दिखाई दे, जिसके बारे में रेलवे के रिकॉर्ड में कोई जानकारी न हो, तो क्या आप उसमें बैठेंगे?

नोट: यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है और मनोरंजन के उद्देश्य से लिखी गई है।

 

Site içinde arama yapın
Kategoriler
Devamını oku
Health
Smarter Clinical Documentation With Trusted Scribe Support
Modern healthcare depends on accurate, timely documentation. Yet for many physicians, charting...
Yazan joemalcolm 2026-01-16 16:04:56 0 744
diğer
Descubra como a Máquina de Solda a Laser Portátil Transforma Reparos e Produção
A máquina de solda a laser portátil é uma inovação que tem...
Yazan kashi 2025-11-26 11:03:22 0 1K
Marketing
Best White Label Crypto Exchange Software for Startups in India: Cost & Features Guide
The crypto industry in India is expanding at an unprecedented pace, opening new opportunities for...
Yazan michael23 2026-04-14 06:49:07 0 653
diğer
Super Duplex S32760 Pipes Stockists in India
Super Duplex S32760 Pipes for High-Strength and Corrosion-Resistant Piping Applications Super...
Yazan hmsanghscoro 2026-09-24 12:41:12 0 442
diğer
What Is FortiAnalyzer and How It Improves Network Security?
In an era where cyber threats are becoming more sophisticated and relentless, simply having a...
Yazan kadewi8228 2026-01-14 01:40:21 0 972
Sngine France : Partagez Vos Moments, Faites de Nouveaux Amis https://sngine.fr