The Forgotten Room – घर के उस कमरे का रहस्य
हर घर की अपनी कुछ यादें होती हैं, लेकिन क्या हो अगर आपके घर में एक ऐसा कमरा मौजूद हो, जिसके बारे में आपको कभी बताया ही न गया हो? एक ऐसा कमरा, जो रात में दिखाई देता है और सुबह होते ही गायब हो जाता है। आज की यह रहस्यमयी कहानी रोहित की है, जिसने अपने नए घर में एक ऐसा राज खोजा, जिसने उसकी जिंदगी बदल दी।
नए घर में अजीब आवाजें
रोहित नौकरी के सिलसिले में दिल्ली आया था। कई सालों तक किराए के मकान में रहने के बाद उसने शहर के बाहरी इलाके में एक पुराना घर खरीद लिया। घर बड़ा और सुंदर था, लेकिन उसकी कीमत बाकी मकानों से काफी कम थी।
पहली कुछ रातें सामान्य रहीं। मगर चौथी रात अचानक उसकी नींद खुल गई। उसे ऐसा लगा जैसे गलियारे में कोई धीरे-धीरे चल रहा हो।
ठक... ठक... ठक...
रोहित ने कमरे का दरवाजा खोला। गलियारे में कोई नहीं था। आवाज एक पुरानी अलमारी के पीछे से आ रही थी। उसने अलमारी हटाकर दीवार को देखा, लेकिन वहाँ कुछ भी असामान्य नहीं था।
अगली रात ठीक बारह बजे वही आवाज दोबारा सुनाई दी। इस बार आवाज के साथ किसी बच्ची के रोने की धीमी ध्वनि भी आ रही थी।
रोहित ने मोबाइल की टॉर्च जलाई और अलमारी को पूरी ताकत से खिसकाया। उसके पीछे लकड़ी का एक छोटा दरवाजा दिखाई दिया।
वह हैरान रह गया। दिन में इस जगह कोई दरवाजा नहीं था।
बंद कमरे के अंदर कौन था?
दरवाजे पर जंग लगा ताला लटक रहा था। रोहित ने औजार से ताला तोड़ा और धीरे-धीरे दरवाजा खोल दिया।
अंदर एक छोटा कमरा था। दीवारों पर धूल जमी हुई थी। कोने में एक टूटी कुर्सी और सामने लकड़ी की मेज रखी थी। मेज पर एक पुरानी डायरी और परिवार की तस्वीर पड़ी थी।
तस्वीर में एक आदमी, एक महिला और लगभग दस साल की बच्ची दिखाई दे रही थी। तस्वीर के पीछे लिखा था—12 अक्टूबर 1998।
रोहित ने डायरी खोली। पहले पन्ने पर लिखा था, “अगर कोई यह कमरा खोल रहा है, तो समझ लेना कि वह फिर जाग गई है।”
डायरी के अनुसार, इस घर में पहले रहने वाले परिवार की बेटी रिया रात में किसी अनजान व्यक्ति से बात करने का दावा करती थी। उसके माता-पिता को लगता था कि बच्ची कल्पना कर रही है।
लेकिन कुछ दिनों बाद घर में अजीब घटनाएँ होने लगीं। बंद दरवाजे अपने आप खुल जाते और रात में दीवारों के पीछे से किसी के चलने की आवाज आती।
फिर एक रात रिया अचानक गायब हो गई। परिवार ने उसे हर जगह खोजा, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। कुछ समय बाद वे घर छोड़कर चले गए।
रोहित डायरी पढ़ ही रहा था कि पीछे से आवाज आई।
“आप मेरी चीजें क्यों पढ़ रहे हैं?”
उसने तुरंत पलटकर देखा। दरवाजे के पास सफेद फ्रॉक पहने एक बच्ची खड़ी थी।
रोहित ने काँपते हुए पूछा, “तुम कौन हो?”
बच्ची ने सिर झुकाकर कहा, “मेरा नाम रिया है।”
दीवार पर लिखा आखिरी संदेश
रोहित डर के मारे दरवाजे की तरफ भागा, लेकिन दरवाजा गायब हो चुका था। वहाँ अब सिर्फ एक खाली दीवार थी।
उसने दीवार पीटते हुए मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। तभी उसका मोबाइल बजा। फोन पर उसके दोस्त अमित का कॉल था।
“अमित, जल्दी आओ! मैं एक कमरे में फँस गया हूँ। यहाँ से बाहर निकलने का रास्ता नहीं है!”
अमित ने घबराकर पूछा, “कौन-सा कमरा? तुम्हारे घर में तो ऐसा कोई कमरा नहीं है।”
रोहित ने जवाब देने के लिए दीवार की तरफ देखा। वहाँ धीरे-धीरे कुछ शब्द उभर रहे थे।
अब यह कमरा तुम्हारा है।
अचानक मोबाइल बंद हो गया। पीछे से बच्ची की हँसी सुनाई दी।
“अब आप मेरे साथ रहेंगे,” रिया ने कहा।
रोहित ने पीछे मुड़कर देखा, लेकिन बच्ची गायब थी। कमरे की लाइट अपने आप जलने लगी। सामने रखे आईने में रोहित को अपना चेहरा दिखाई दिया, लेकिन उसके पीछे एक दूसरी परछाई खड़ी थी।
वह परछाई धीरे-धीरे उसके करीब आने लगी।
रोहित चीखा और जमीन पर गिर पड़ा।
अगली सुबह अमित घर पहुँचा। उसने पूरे घर की तलाशी ली, लेकिन रोहित कहीं नहीं मिला। पुलिस भी उसे खोजने में असफल रही। सबसे अजीब बात यह थी कि अलमारी के पीछे कोई दरवाजा मौजूद नहीं था।
कुछ महीनों बाद उस घर को एक दूसरे परिवार ने खरीद लिया।
पहली रात नए मालिक को भी गलियारे से दस्तक सुनाई दी।
ठक... ठक... ठक...
उसने अलमारी हटाई। दीवार पर एक नया दरवाजा दिखाई दे रहा था।
दरवाजे के पीछे से किसी आदमी की आवाज आई।
“कृपया मुझे बाहर निकालो!”
वह आवाज रोहित की थी।
क्या यह सिर्फ एक कहानी है?
रहस्यमयी घर, बंद कमरे और अनजान आवाजों की घटनाएँ हमेशा लोगों की उत्सुकता बढ़ाती हैं। इसी वजह से real horror story in hindi पढ़ने वाले लोग ऐसी कहानियों में छिपे रहस्यों को जानना पसंद करते हैं।
अगर आपको डर, रहस्य और अचानक होने वाले अनजान घटनाक्रम पसंद हैं, तो horror story in hindi की ऐसी कहानियाँ आपके लिए रोमांचक हो सकती हैं। ऐसी ही अलग-अलग विषयों वाली कहानियों के लिए unexpected stories पर भी नई कहानियाँ पढ़ सकते हैं।
आपकी राय: अगर आपके घर में रात के समय ऐसा कोई दरवाजा दिखाई दे, जो दिन में मौजूद ही न हो, तो क्या आप उसे खोलेंगे या हमेशा के लिए उस जगह से दूर चले जाएँगे? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।
नोट: यह कहानी काल्पनिक है और मनोरंजन के उद्देश्य से लिखी गई है।
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