The Stranger in the Family Portrait – परिवार की तस्वीर में खड़ा अजनबी
प्रिया अपने पुराने घर की सफाई कर रही थी।
अलमारी से उसे एक बड़ी पारिवारिक तस्वीर मिली।
तस्वीर में उसके दादा-दादी, माता-पिता और वह खुद खड़ी थी।
लेकिन तस्वीर में एक अजनबी आदमी भी था।
वह परिवार के सबसे पीछे खड़ा था।
उसके चेहरे पर अजीब-सी मुस्कान थी।
प्रिया ने अपनी माँ से पूछा—
"यह आदमी कौन है?"
माँ ने तस्वीर देखते ही उसे हाथ से गिरा दिया।
"यह तस्वीर तुम्हें कहाँ मिली?"
तस्वीर में बदलाव
प्रिया ने तस्वीर दोबारा उठाई।
अब अजनबी आदमी पहले से थोड़ा आगे खड़ा था।
माँ ने तस्वीर छीनकर अलमारी में बंद कर दी।
उन्होंने कहा—
"इसे दोबारा मत देखना।"
प्रिया ने पूछा—
"लेकिन यह आदमी कौन है?"
माँ ने जवाब नहीं दिया।
उस रात प्रिया को अपने कमरे से तस्वीर गिरने की आवाज़ सुनाई दी।
वह उठी।
तस्वीर उसके बिस्तर के पास रखी थी।
अजनबी का संदेश
तस्वीर में अब परिवार के सभी लोग मुस्कुरा रहे थे।
लेकिन अजनबी आदमी के हाथ में एक कागज़ था।
प्रिया ने ज़ूम करके देखा।
उस पर लिखा था—
"तुम्हारी बारी।"
प्रिया ने तुरंत तस्वीर उलट दी।
पीछे पेंसिल से एक तारीख लिखी थी।
अगले दिन की।
दादाजी की डायरी
प्रिया ने दादाजी की पुरानी डायरी खोजी।
एक पन्ने पर उसी अजनबी का ज़िक्र था।
दादाजी ने लिखा था कि कई साल पहले एक आदमी उनके घर आया था।
उसने कहा था कि वह परिवार का पुराना मित्र है।
लेकिन किसी को उसका नाम याद नहीं था।
वह हर पारिवारिक तस्वीर में दिखाई देता था।
और हर बार थोड़ा करीब आ जाता था।
डायरी की आखिरी पंक्ति थी—
"अगर वह तस्वीर से बाहर आ गया, तो किसी की जगह ले लेगा।"
तस्वीर से बाहर
प्रिया ने तस्वीर को आग लगाने का फैसला किया।
उसने उसे आँगन में रखा और माचिस जलाई।
जैसे ही आग तस्वीर के करीब पहुँची, हवा अचानक तेज़ हो गई।
तस्वीर उड़कर उसके पैरों के पास आ गिरी।
अजनबी अब तस्वीर में नहीं था।
प्रिया ने घबराकर चारों तरफ देखा।
घर का मुख्य दरवाज़ा बंद था।
तभी पीछे से आवाज़ आई—
"तुमने मुझे बहुत देर तक इंतज़ार करवाया।"
प्रिया पलटी।
वही आदमी कमरे में खड़ा था।
उसके हाथ में तस्वीर थी।
परिवार का असली सदस्य
प्रिया ने चिल्लाकर माँ को बुलाया।
माँ कमरे में आईं।
अजनबी को देखते ही उनकी आँखों में आँसू आ गए।
उन्होंने धीरे से कहा—
"तुम वापस आ गए।"
प्रिया ने माँ की तरफ देखा।
"आप इसे जानती हैं?"
माँ ने बताया कि वह आदमी उनके छोटे भाई जैसा दिखता था, जो बचपन में गायब हो गया था।
लेकिन परिवार में किसी ने उसकी तस्वीरें कभी नहीं रखीं।
किसी को उसका नाम भी याद नहीं था।
अजनबी मुस्कुराया।
"क्योंकि तुम सबने मुझे भुला दिया।"
फिर उसने प्रिया की तरफ हाथ बढ़ाया।
अगली सुबह परिवार की पुरानी तस्वीर फिर अलमारी में रखी थी।
उसमें सभी लोग खड़े थे।
लेकिन अब प्रिया तस्वीर में नहीं थी।
उसकी जगह वही अजनबी खड़ा था।
तस्वीर के पीछे एक नई पंक्ति लिखी थी—
"परिवार अब पूरा है।"
अगर आप real horror story in hindi जैसी रहस्यमयी कहानियाँ पसंद करते हैं, तो इस तस्वीर का रहस्य आपको भी हैरान कर सकता है।
क्योंकि कभी-कभी तस्वीरों में दिखाई देने वाला अजनबी कोई बाहरी इंसान नहीं होता...
वह वह होता है, जिसे आपका परिवार भूल चुका होता है।
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