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Coach Number 13 – डिब्बा नंबर 13 का यात्रीसौरभ रात की ट्रेन से अकेला सफर कर रहा था। उसकी सीट कोच नंबर 13 में थी। ट्रेन लगभग खाली थी। रात 1 बजे एक आदमी उसके सामने आकर बैठ गया। उसने कहा— "यह सीट मेरी है।" सौरभ ने टिकट देखा। उसकी सीट भी वही थी। दो टिकट सौरभ ने अपना टिकट दिखाया। आदमी ने जेब से टिकट निकाला। दोनों टिकटों पर एक ही सीट नंबर था। लेकिन उस आदमी के टिकट की तारीख... दस साल पुरानी थी। ट्रेन की...0 Comments 0 Shares 289 Views
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Room 17 – जिस कमरे में कोई खिड़की नहीं थीआदित्य एक पुराने होटल में रुका था। उसे कमरा नंबर 17 दिया गया। कमरा बड़ा था। लेकिन उसमें एक अजीब बात थी। उसमें कोई खिड़की नहीं थी। आदित्य ने रिसेप्शन से पूछा। मैनेजर ने कहा— "इस कमरे में खिड़की कभी थी ही नहीं।" दीवार के पीछे आवाज़ रात करीब 2 बजे आदित्य को दीवार के पीछे से आवाज़ सुनाई दी। कोई धीरे-धीरे दरवाज़ा खटखटा रहा था। लेकिन दीवार के उस हिस्से के पीछे कोई कमरा नहीं था।...0 Comments 0 Shares 245 Views
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Room 309 – बंद होटल का कमराशहर के बाहर एक पुराना होटल था, जो कई सालों से बंद पड़ा था। मोहित वहाँ रात में फोटो लेने गया। होटल की तीसरी मंज़िल पर एक कमरा था— 309 दरवाज़ा आधा खुला था। मोहित ने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाई और अंदर चला गया। कमरे में धूल थी, लेकिन बेड बिल्कुल साफ़ था। तकिए पर एक छोटा कागज़ रखा था— "आज रात यहाँ मत सोना।" मोहित हँस पड़ा। "किसी ने मज़ाक किया है।" उसने कागज़ जेब में रख लिया। ...0 Comments 0 Shares 380 Views
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The Basement Ward – अस्पताल के नीचे वाला कमरापुराने अस्पतालों में कई कमरे ऐसे होते हैं जिनका इस्तेमाल बंद हो चुका होता है। लेकिन शहर के पुराने सरकारी अस्पताल का बेसमेंट... कई सालों से पूरी तरह बंद था। रोहित वहाँ रात की सिक्योरिटी ड्यूटी करता था। एक रात CCTV पर उसे बेसमेंट का दरवाज़ा खुलता दिखाई दिया। बंद दरवाज़ा रोहित ने मैनेजर को फोन किया। मैनेजर ने कहा— "बेसमेंट में मत जाना।" रोहित ने पूछा— "लेकिन दरवाज़ा खुला...0 Comments 0 Shares 246 Views
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The Black Door – काला दरवाज़ा | Real Horror Story in Hindiबारिश लगातार तीसरे दिन भी नहीं रुकी थी। पहाड़ों से घिरे एक छोटे से कस्बे में रहने वाले लोग उस रात जल्दी अपने घरों में बंद हो गए थे। तेज़ हवाओं की आवाज़ पूरे इलाके में गूँज रही थी। कस्बे के किनारे एक पुराना सरकारी गेस्ट हाउस था, जिसे लगभग तीस साल पहले बंद कर दिया गया था। इमारत आज भी खड़ी थी... लेकिन उसके बारे में एक अजीब बात मशहूर थी। उस गेस्ट हाउस में मौजूद कमरा नंबर 9 का दरवाज़ा हमेशा काले रंग...0 Comments 0 Shares 334 Views
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The Book That Remembered Me – वह किताब जो मुझे जानती थीशहर की पुरानी लाइब्रेरी में आदित्य को एक ऐसी किताब मिली, जिस पर कोई नाम नहीं लिखा था। किताब बाकी किताबों से अलग थी। उसका कवर बिल्कुल काला था और उस पर सिर्फ़ एक छोटा-सा नंबर लिखा था— 27 आदित्य ने किताब खोली। पहले पन्ने पर सिर्फ़ एक वाक्य था— "आदित्य ने यह किताब रात 11:46 बजे खोली।" वह चौंक गया। घड़ी में सचमुच 11:46 बज रहे थे। उसने अगला पन्ना पलटा। वहाँ लिखा था— "अब वह पीछे...0 Comments 0 Shares 625 Views
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The Call at 3:03 AM – रात 3:03 बजे किसका फोन था?कुणाल के फोन पर रात 3:03 बजे कॉल आई। स्क्रीन पर नंबर देखकर वह चौंक गया। कॉल उसकी अपनी थी। उसने कुछ सेकंड तक फोन को देखा। फिर कॉल उठा ली। दूसरी तरफ उसकी ही आवाज़ थी। "कुणाल, दरवाज़ा मत खोलना।" कॉल कट गई। दूसरी कॉल कुछ सेकंड बाद फिर फोन बजा। इस बार भी वही नंबर। उसने कॉल उठाई। आवाज़ आई— "मैं पाँच मिनट बाद तुम्हारे घर आऊँगा।" कुणाल ने पूछा— "कौन?" आवाज़ ने कहा—...0 Comments 0 Shares 264 Views
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The Child in the Hospital Corridor – अस्पताल के गलियारे में खड़ा बच्चाडॉ. नीलिमा एक पुराने अस्पताल में रात की ड्यूटी करती थीं। अस्पताल में एक लंबा गलियारा था, जिसके आखिरी छोर पर कमरा नंबर 17 था। वह कमरा कई वर्षों से बंद था। हर रात करीब तीन बजे नीलिमा को वहाँ एक छोटा बच्चा खड़ा दिखाई देता। वह अस्पताल की सफेद पोशाक पहने रहता। और हर बार एक ही सवाल पूछता— "डॉक्टर, मेरी माँ कब आएँगी?" खाली गलियारा पहली बार नीलिमा ने सोचा कि शायद कोई बच्चा अपने...0 Comments 0 Shares 340 Views
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The Clock That Stopped Time – वह घड़ी जो समय रोक देती थीशहर के पुराने बाज़ार में एक छोटी-सी घड़ी की दुकान थी। आरव वहाँ अपनी दादाजी की पुरानी घड़ी ठीक करवाने गया। दुकानदार ने घड़ी हाथ में लेते ही पूछा— "यह घड़ी तुम्हें कहाँ मिली?" आरव ने कहा— "मेरे दादाजी की है।" दुकानदार कुछ पल चुप रहा। फिर बोला— "इसे ठीक करवाने की कोशिश मत करना।" आरव हँस पड़ा। "क्यों?" दुकानदार ने घड़ी वापस कर दी। "क्योंकि यह समय बताती नहीं है..." उसने धीरे से...0 Comments 0 Shares 369 Views
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