निशांत अपने जीवन की कुछ यादें भूल जाना चाहता था।
एक दिन पुराने बाज़ार में उसे एक छोटी दुकान दिखाई दी।
बोर्ड पर लिखा था—
"यहाँ यादें खरीदी और बेची जाती हैं।"
दुकान के अंदर एक बूढ़ा आदमी बैठा था।
निशांत ने हँसते हुए पूछा—
"क्या सच में यादें खरीदी जा सकती हैं?"
बूढ़े ने जवाब दिया—
"अगर तुम कीमत देने को तैयार हो।"
पहली याद
निशांत ने अपनी एक दुखद याद मिटाने की इच्छा...
0 Yorumlar
0 paylaşımlar
316 Görüntülemeler
Sngine France : Partagez Vos Moments, Faites de Nouveaux Amishttps://sngine.fr