The House That Called My Name – वह घर जो मेरा नाम पुकारता था
आदित्य अपने ऑफिस से रोज़ देर रात लौटता था।
उसके घर के रास्ते में एक पुराना मकान पड़ता था।
मकान कई सालों से खाली था।
उसकी खिड़कियाँ टूटी हुई थीं।
दरवाज़े पर जंग लगा ताला था।
लेकिन हर रात जब आदित्य वहाँ से गुजरता, अंदर से कोई उसका नाम पुकारता—
"आदित्य..."
पहले उसने इसे हवा की आवाज़ समझा।
फिर एक रात आवाज़ ने उसका पूरा नाम लिया।
"आदित्य मेहरा, घर आ जाओ।"
घर के अंदर की रोशनी...