रात के 11:58 बजे थे जब विवेक ने स्टेशन की आखिरी बेंच पर बैठकर अपनी घड़ी देखी।
स्टेशन लगभग खाली था।
उसे घर जाने वाली ट्रेन का इंतज़ार था।
घोषणा हुई—
"यात्रियों से अनुरोध है कि प्लेटफॉर्म नंबर दो पर आने वाली ट्रेन से दूरी बनाए रखें।"
विवेक ने सामने देखा।
दूर से ट्रेन की रोशनी दिखाई दे रही थी।
लेकिन अजीब बात यह थी कि ट्रेन की आवाज़ बिल्कुल नहीं आ रही थी।
न हॉर्न।
न पहियों की आवाज़।
कुछ भी...
0 Comments
0 Shares
127 Views
Sngine France : Partagez Vos Moments, Faites de Nouveaux Amishttps://sngine.fr