The School Bus with No Driver – बिना ड्राइवर वाली स्कूल बस
हर सुबह रवि अपने बेटे आरव को स्कूल बस में बैठाने जाता था। बस ठीक आठ बजे आती थी। उसमें बच्चे शोर मचाते रहते थे। ड्राइवर की सीट पर हमेशा एक बूढ़ा आदमी बैठा दिखाई देता था। लेकिन एक सोमवार को कुछ अजीब हुआ। बस आई। दरवाज़ा खुला। बच्चे अंदर बैठे थे। लेकिन ड्राइवर की सीट खाली थी। रवि ने बस के अंदर झाँककर पूछा— "ड्राइवर साहब कहाँ हैं?" एक बच्चे ने धीरे से कहा— "अंकल, आज तो बस खुद चलकर आई...
0 Commentaires 0 Parts 63 Vue
Sngine France : Partagez Vos Moments, Faites de Nouveaux Amis https://sngine.fr