The Unclaimed Suitcase – स्टेशन पर पड़ा आखिरी सूटकेस
सुबह के 5 बजे नमन रेलवे स्टेशन पर अपनी ट्रेन का इंतज़ार कर रहा था।
प्लेटफॉर्म लगभग खाली था।
तभी उसकी नजर एक काले रंग के सूटकेस पर पड़ी।
वह अकेला पड़ा था।
न कोई मालिक।
न कोई पहचान।
नमन ने स्टेशन मास्टर को बताने के लिए सूटकेस उठाया।
उठाते ही उसे अंदर से हल्की-सी आवाज़ सुनाई दी।
टक... टक...
जैसे कोई अंदर से ढक्कन पर उंगली मार रहा हो।
नमन ने सूटकेस नीचे रख दिया।
स्टेशन मास्टर ने उसे...